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अपनी त्वचा को ढीला होने से बचाने के लिए आजमाए ये 6 टिप्स

गर्भावस्था के दौरान ढीली त्वचा बहुत ही आम बात है क्योंकि त्वचा बढ़ते हुए पेट को समायोजित करने के लिए फैलती है। इसकी वजह से ,  जन्म देने के बाद ज्यादातर महिलाओं की त्वचा ढीली पड़ जाती है। जबकि गर्भावस्था आपकी त्वचा में बहुत सारे बदलाव ला सकती है ,  वे प्रसव के बाद गायब हो सकते हैं। चूंकि त्वचा कोलेजन और इलास्टिन से बनी होती है ,  इसलिए यह वजन बढ़ने के साथ फैलती है। एक बार खिंचने पर त्वचा को अपने मूल आकार में लौटने में परेशानी हो सकती है। ढीली त्वचा असुविधाजनक हो सकती है और कपड़ों को ठीक से फिट होने से रोक सकती है और इसकी वजह से आप चिड़चिड़ी हो सकती हैं या यह संक्रमण का कारण भी बन सकती है। गर्भावस्था के दौरान त्वचा को क्या होता है ? जबकि हम आम तौर पर गर्भावस्था के दौरान पेट बढ़ने के बारे में बात करते हैं ,  यह आपके बच्चे के विकास के लिए गर्भाशय का विस्तार होता है न कि पेट का। आपके शरीर के किसी भी हिस्से की तरह जो बढ़ता है या सूज जाता है ,  जीवित अंग के रूप में त्वचा गर्भाशय के चारों ओर फैल जाती है। पेट के ऐसे क्षेत्र होते हैं जो फैल सकते हैं। यह व्यक्ति के आनुवंशिक...

डिलीवरी के बाद अपनी वेजाइना की देखभाल कैसे करे

ब च्चे के जन्म के दौरान एक महिला की वेजाइना बहुत बड़े ट्रोमा से गुजरती है। डिलीवरी के बाद, महिला को वेजाइना में परेशानी और दर्द होता है। भले ही बच्चे के जन्म के बाद बच्चा प्राथमिकता हो, लेकिन डिलीवरी के बाद देखभाल की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए. डिलीवरी के बाद वेजाइना डिस्चार्ज व दर्द जैसी समस्याओं की पूरी देखभाल की जानी चाहिए. हर महिला अलग होती है और इसलिए, लेबर, डिलीवरी और डिलीवरी के बाद उनका अनुभव भी अलग होता है। लेकिन यह जानना जरूरी है कि बच्चे के जन्म के बाद वेजाइना की देखभाल के लिए क्या करें और क्या करना चाहिए. बच्चे के जन्म के बाद महिला अपने वेजाइना में किस तरह के बदलाव की उम्मीद कर सकती है? एक महिला के लिए यह जानना नेचुरल है कि डिलीवरी के बाद उसकी वेजाइना पर क्या असर पड़ेगा। क्या एपीसीओटॉमी करना ज़रूरी होगा? डिलीवरी के बाद वेजाइना को ठीक होने में कितना समय लगेगा? जिस तरह हर महिला के लिए प्रेग्नेंसी और बच्चा पैदा करने का अनुभव अलग होता है, उसी तरह डिलीवरी के बाद का अनुभव भी अलग होता है। बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं को होने वाली कुछ समस्याएं नीचे दी गई हैं: ·   वेजाइना में सूखापन ...

शिशु को ग्राइप वाटर के फायदे और नुकसान

कई माओं द्वारा अक्सर ग्राइप वॉटर को लेकर सवाल पूछे जाते हैं जैसे कि क्या छोटे बच्चों के लिए होते हैं? क्या बच्चों को इसे पिलाना सेफ है इसे कब और कैसे दें जैसे कई सारे सवाल. तो इस पोस्ट में बात करेंगे ग्राइप वाटर फॉर बेबी के विषय पर. शिशु को ग्राइप वाटर के फायदे और नुकसान आइये सबसे पहले जान लेते हैं इसके फायदे और नुकसान. डाईजेशन में सहायक - छोटे बच्चे कई बार दूध नहीं पचा पाते और उल्टी करने लगते हैं जिससे उन्हें अपच हो सकती है. ग्राइप वॉटर से इस समस्या में राहत मिलती है. गैस से छुटकारा - इन्फ़ेंट्स को अक्सर पेट की गैस के कारण काफी परेशानी होती है. ऐसे में ग्राइप वॉटर गैस से भी छुटकारा दिलाता है. केवल इतना ही नहीं बल्कि Gripe water ke fayde और भी हैं जो हम आपको आगे बताएँगे. हिचकी- ऐसा माना जाता है कि छोटे बच्चों में ज्यादा हिचकी आने से बच्चे को पेट का आकार बढ़ जाता है. शिशु को ग्राइप वॉटर देने से हिचकी की समस्या से निजात मिलती है. टीथिंग के दौरान मददगार - दांत निकलते हुए छोटे बच्चों को मसूढ़ों में दर्द, खुजली और यहाँ तक कि दस्त भी लग जाते हैं. ऐसे में ग्राइप वाटर इन सब समस्याओं का अकेला समा...